Saturday, July 23, 2022

 


वक़्त

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वक़्त बुरा जो आया तो सब, अनजाने हो गए
अपनों के शहर में आकर के, बेगाने हो गए।
बीच भँवर में डूबी नैया, भरी थी जो सपनों से
कसमें वादे प्यार वफ़ा ये , अफ़साने हो गए ।
पैसों से थे रिश्ते सारे, शोहरत से थी इज़्ज़त
प्रेम मदिरा से खाली अब, मयखाने हो गए
न खुशियाँ न उम्मीदें , ऐसा मन बदहाल हुआ
ज्यों राधा बिन सूने मथुरा, बरसाने हो गए।

Tuesday, May 31, 2022

तन्हा

 




तन्हा 


सुन ले सुन ले

 संतो की वाणी

तर जाएगा

 तू प्राणी l

मोह माया को  तज के

रे बन्दे, प्रभु नाम भज ले,

पार लगेगी तेरी नाव रे l

कर ले तू धरम,

मत रख ये  भरम

धन दौलत संग जाएगा l

न घोड़े हाथी,

 न संगी साथी

तू खाक तन्हा हो जाएगा l

सुभाष बोस 

Monday, May 30, 2022

तलाश



ठूँठ में संवेदना की 

छाँव तलाशती हूँ

वीरान खंडहरों में अपना

 गाँव तलाशती  हूँ l 

दिल लगाया हमेशा

 अनजान भंवर से

अब जो डूबी तो अपनी

 नाव तलाशती  हूँ l 

                        सुभाष

उसk प्रेम की बातें

 उसK प्रेम की बातें *************** सफलता प्राप्ति के लिए लगन और मेहनत के बावजूद कई लोगों को अपनी काम पर यकीन नहीं   होता और वो किस्मत का दा...